-
294
छात्र -
303
छात्राएं -
25
कर्मचारीशैक्षिक: 128
गैर-शैक्षिक: 153
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय हीरानगर की स्थापना 28 मार्च 2003 को हीरानगर के रावी-तवी कॉम्प्लेक्स में कक्षा 1 से 5 के साथ हुई थी। इसका लुक अच्छा है, इसमें आसानी से पहुंचा जा सकता है और अच्छे हवादार क्लास रूम हैं। इसे प्राकृतिक हरियाली से सजाया जा रहा है। इसमें अच्छी तरह से बनाए रखा गया लॉन है और इसमें पर्याप्त पानी की आपूर्ति और आरामदायक स्थिति है। पीएम श्री के.वी. के बारे में अधिक जानकारी हीरानगर: पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय हीरानगर 28 मार्च 2003 को अस्तित्व में आया और नए भवन का उद्घाटन 16 जनवरी 2014 को हुआ। ...
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
जिज्ञासु मन को प्रेरित करना, सुदृढ़ चरित्र का निर्माण करना, उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना और प्रत्येक शिक्षार्थी को उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए सशक्त बनाना ...
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
प्रेरणादायी शिक्षा, सशक्त संस्कार और नवाचारी शिक्षण के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी की सर्वोत्तम क्षमता का विकास करना ...
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री हर्षित मिश्रा
उपायुक्त(जम्मू संभाग)
“शिक्षा का अर्थ यह नहीं है कि आपके मस्तिष्क में ऐसी बहुत – सी बातें इस तरह भर दी जाये कि अंतर्द्वंद्व होने लगे और आपका मस्तिष्क उन्हें जीवन भर पचा न सके। जिस शिक्षा से हम अपना जीवन निर्माण कर सकें, मनुष्य बन सकें, चरित्र गठन कर सकें और विचारों का सामंजस्य कर सकें, वही वास्तव में शिक्षा कहलाने योग्य है।” – स्वामी विवेकानंद उपरोक्त शाश्वत शब्द केंद्रीय विद्यालय संगठन- भारत के शिक्षा मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय को परिभाषित करते हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में एक जीवंत और प्रमुख शैक्षणिक संस्थान है। केंद्रीय विद्यालय संगठन जम्मू संभाग की स्थापना 1984 में हुई थी और वर्तमान में इसके अधिकार क्षेत्र में जम्मू और कश्मीर में स्थित 39 के. वि. आते हैं, जिनमें छात्रों के बौद्धिक, नैतिक और आध्यात्मिक विकास के लिए प्रभावी प्रबंधन और शिक्षकों की एक समर्पित, अच्छी तरह से सुसज्जित और प्रतिबद्ध टीम कार्यरत है। छात्रों को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए नियमित आधार पर बहु-विषयक पाठ्यचर्या संबंधी गतिविधियों की एक श्रृंखला आयोजित की जाती है। प्रौद्योगिकी और वैश्वीकरण की लगातार परिवर्तनशील दुनिया के साथ चलने में हमारे छात्रों को सक्षम बनाने के लिए ‘सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास’ पर हमारा अधिक बल है। हम “कमजोरों को प्रेरित करने, औसत को संबोधित करने और प्रतिभाओं को चुनौती देने” के सिद्धांत के साथ समावेशी शिक्षा में विश्वास रखते हैं। हमें अपने छात्रों को अगली पीढ़ी के संवेदनशील और उत्तरदायी नागरिकों के रूप में विकसित करने में सहायता करने पर गर्व है। हमारे छात्रों ने अतीत में कई उपलब्धियां हासिल की हैं और मुझे पूरी आशा है कि उत्कृष्टता और उपलब्धियों की यह खोज भविष्य में भी जारी रहेगी।
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नरिंदर कुमारी चुम्बर
प्राचार्य
पी एम श्री केन्द्रीय विद्यालय हीरानगर में आपका स्वागत है पी एम श्री केन्द्रीय विद्यालय हीरानगर की प्रधानाचार्य होना वास्तव में मेरे लिए सौभाग्य की बात है, यह एक ऐसी संस्था है जो जम्मू-कश्मीर में छात्रों को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने का प्रयास कर रही है। ऐसा कहा जाता है कि हर बच्चे के जन्म के साथ एक नेता का जन्म होता है। एकमात्र आवश्यकता एक सक्षम वातावरण, सावधानीपूर्वक पोषण और असीमित प्रतिभाओं के सार्थक विकास, सम्मान और प्रभावी उपयोग के लिए एक स्प्रिंग बोर्ड प्रदान करना है। इसलिए यह जरूरी हो गया है कि बच्चों को संज्ञानात्मक और अनुभवात्मक कौशल से सशक्त बनाया जाए जो उन्हें वैश्विक नागरिक बनने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा। आज के छात्रों को कौशल का एक नया सेट सीखना चाहिए, यह सुनिश्चित करते हुए कि वे परस्पर संबंधित अवधारणाओं को अपना सकते हैं, स्वतंत्र रूप से सोच सकते हैं, सहयोगात्मक रूप से काम कर सकते हैं, निर्णायक रूप से कार्य कर सकते हैं, स्पष्ट रूप से संवाद कर सकते हैं और सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। मैं इस विद्यालय को ज्ञान के भंडार के रूप में आकार देने का अनूठा अवसर प्रदान करने के लिए संगठन के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। मैं स्कूल के प्रबंधन में अपने सभी शिक्षण और गैर-शिक्षण सहयोगियों और बच्चों की निरंतर सहायता और सहयोग को रिकॉर्ड में दर्ज करना चाहता हूं। मैं भविष्य में अपने सभी शुभचिंतकों की टिप्पणियों और सुझावों का स्वागत करता हूं। जैसा कि एक बुद्धिमान व्यक्ति ने कहा, "शिक्षा बाल्टी भरना नहीं है, बल्कि आग जलाना है!" हम अपने बच्चों में वह आग जलाने की आशा करते हैं जो उन्हें मानव जाति के व्यापक हित के लिए ज्ञान और सच्चाई की ओर ले जाए।
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शैक्षणिक योजनाकार
सत्र 2026-27 की शैक्षणिक योजनाएँ
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बालवाटिका लागू नहीं
निपुण लक्ष्य
निपुण लक्ष्य के तहत कार्यक्रम की योजना बनाई गई
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
इस कार्यक्रम के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये
अध्ययन सामग्री
विभिन्न कक्षाओं के लिए अध्ययन सामग्री
कार्यशालाएँ एवं प्रशिक्षण
समय-समय पर विभिन्न कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये गये
विद्यार्थी परिषद
सत्र 2026-27 के लिए विद्यार्थी परिषद
अपने स्कूल को जानें
अपने स्कूल को यूडीआईएसई कोड, नाम और पिनकोड से जानें
अटल टिंकरिंग लैब
छात्रों ने अटल टिंकरिंग लैब के तहत विभिन्न परियोजनाओं में भाग लिया
डिजिटल भाषा लैब
इस विद्यालय में उपलब्ध नहीं है|
आईसीटी - ई-क्लासरूम एवं प्रयोगशालाएँ
विद्यालय का आईसीटी बुनियादी ढांचा जिसमें ई-क्लासरूम और लैब शामिल हैं
पुस्तकालय
विद्यालय पुस्तकालय लाइब्रेरी कॉर्नर से सुसज्जित है
प्रयोगशालाएँ - भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान
छात्रों को भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान प्रयोगशाला में व्यावहारिक कार्य, परियोजना, नवाचारों से गुजरना पड़ा
भवन एवं बाला पहल
एक नज़र में विद्यालय भवन और बाला पहल शुरू की गई
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
विद्यालय के खेल अवसंरचना पर एक नजर
एसओपी/एनडीएमए
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन के लिए दिशानिर्देश और एसओपी
खेल
केवीएस क्षेत्रीय और केवीएस राष्ट्रीय विद्यालय में खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया
एनसीसी/स्काउट एवं गाइड
विद्यालय में एनसीसी/स्काउट्स एवं गाइड्स गतिविधियों का आयोजन किया गया
शिक्षा भ्रमण
विद्यालय द्वारा आयोजित शिक्षा भ्रमण
ओलम्पियाड
छात्रों ने विभिन्न ओलंपियाड जैसे गणित आदि में भाग लिया।
प्रदर्शनी - एनसीएससी/विज्ञान/आदि
विद्यार्थी ने विद्यालय एवं क्षेत्रीय पर आयोजित प्रदर्शनी में भाग लिया
एक भारत श्रेष्ठ भारत
एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत संचालित गतिविधियाँ
हस्तकला या शिल्पकला
छात्रों ने विद्यालय स्तर या क्षेत्रीय स्तर पर आयोजित हस्तकला एवं शिल्पकला गतिविधियों में भाग लिया
मजेदार दिन
मजेदार दिन पर विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया
युवा संसद
इस विद्यालय में आवंटित नहीं किया गया है
पीएम श्री स्कूल
पीएम श्री स्कूल के तहत आयोजित गतिविधियां
कौशल शिक्षा
कौशल पाठ्यक्रम सीबीएसई विद्यालय द्वारा चुना गया
मार्गदर्शन एवं परामर्श
मार्गदर्शन और परामर्श के तहत छात्रों के लिए विद्यालय द्वारा ओरिएंटेशन सत्र का आयोजन किया गया
सामाजिक सहभागिता
सामाजिक सहभागिता के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं
विद्यांजलि
विद्यांजलि पोर्टल में पंजीकरण एवं भागीदारी
प्रकाशन
विभिन्न कार्यक्रमों में विद्यालय प्रकाशन
समाचार पत्र
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विद्यालय पत्रिका
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उपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
एटीएल लैब में नवाचार
एटीएल के तहत छात्र इनोवेटिव प्रोजेक्ट बना रहे हैं
और पढ़ेंश्रेष्ठ विद्यालय टॉपर्स
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा दसवीं और बारहवीं कक्षा
10वीं कक्षा
12वीं कक्षा
विद्यालय परिणाम
सत्र 2024-25
उपस्थित हुए 47 उत्तीर्ण हुए 47
सत्र 2023-24
उपस्थित हुए 40 उत्तीर्ण हुए 40
सत्र 2022-23
उपस्थित हुए 52 उत्तीर्ण हुए 51
सत्र 2021-22
उपस्थित हुए 47 उत्तीर्ण हुए 46
सत्र 2025-26
उपस्थित हुए 49 उत्तीर्ण हुए 49
सत्र 2025-26
उपस्थित हुए 49 उत्तीर्ण हुए 49
सत्र 2024-25
उपस्थित हुए 36 उत्तीर्ण हुए 36
सत्र 2023-24
उपस्थित हुए 33 उत्तीर्ण हुए 33
सत्र 2022-23
उपस्थित हुए 43 उत्तीर्ण हुए 43
सत्र 2021-22
उपस्थित हुए 56 उत्तीर्ण हुए 53